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प्योंगयांग। क्या नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उंग की हालत बहुत गंभीर है? क्या उनके बाद देश संभालने के लिए किसी का नाम तय कर लिया गया है? यह ऐसे सवाल हैं जो सुदूर पूर्व की राजनीति के साथ साथ दुनिया के सत्ता के गलियारों में पूछे जा रहे हैं।

उत्तर कोरिया ने कभी यह घोषणा नहीं की है कि देश के नेता किम जोंग उन का उत्तराधिकारी कौन होगा। उसके छोटे बच्चों के बारे में कोई विशेष जानकारी लोगों को नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक किम के बच्चे बड़े ना हो जाएं, उसकी बहन देश के राष्ट्रपति का ओहदा संभाल सकती है।

दक्षिण कोरियाई और चीनी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उन रिपोर्टों पर अभी तक यकीन नहीं किया है कि 15 अप्रैल को एक प्रमुख राज्य की सालगिरह के कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति का मतलब है कि किम जोंग को दिल का दौरा पड़ा था इसलिए वह कार्यक्रम में नहीं आए। लेकिन मीडिया की खबरों से सवाल उठने लगे कि किम की जगह कौन ले रहा है। अपनी पीढ़ी के तीसरे नेता किम 36 साल की उम्र में बीमार होकर मारे जाते हैं तो देश के लिए वाकई दोराहे की स्थिति होगी। वह तब नेता बने जब 2011 में उनके पिता किम जोंग इल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

किम की छोटी बहन किम यो जोंग पिछले दो वर्षों में किम जोंग उन के आसपास सबसे अधिक दिखाई देने वाली नेता रही है। वह औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की शक्तिशाली केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष के रूप में सेवा दे रही हैं। माना जा रहा है कि अगर किम कोमा में रहते हैं या मारे जाते हैं तो उनकी बहन ही यह पद संभालेगी। चोय रयोंग हाइ पिछले साल उत्तर कोरिया के सर्वोच्च राज्य प्रमुख के रूप में राष्ट्रपति पद के राष्ट्रपति पद के लिए उठने वाला चेहरा भी माने जा रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि चो और पाक पोंग जू, पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्व राज्य प्रमुख रहे हैं। इन्होंने अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए अधिक मुक्त-बाजार कार्यों को शुरू करने के लिए काम किया था। इसकी वजह से देश में थोड़ी समृद्धि आई थी। लोगों में इच्छा है कि इनमें से भी कोई राष्ट्रपति बने तो देश तरक्की कर सकता है।